लता मंगेशकर से तारीफ पाना आसान नहीं था, जानिए संगीतकार अमर हल्दीपुर के यादगार किस्से

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Getting a Compliment from Lata Mangeshkar Was Never Easy” – Amar Haldipur Recalls Memories

भारतीय संगीत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर को लेकर अनगिनत किस्से और यादें हैं। ऐसी ही एक अनमोल याद हाल ही में 2022 Indian Idol Marathi के मंच पर म्यूजिक डायरेक्टर अमर हल्दीपुर ने साझा की। लता जी के साथ अपने दशकों लंबे जुड़ाव को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उनसे तारीफ पाना बेहद कठिन काम था।

अमर हल्दीपुर ने बताया कि वे 1969 से लता जी के साथ काम कर रहे थे, उस वक्त वे केवल 18 साल के थे। उन्होंने कहा, “भगवद गीता में 18 अध्याय हैं, लेकिन लता दीदी तो गीता का 19वां अध्याय हैं।” इस एक लाइन से ही यह साफ हो जाता है कि उनके दिल में लता मंगेशकर के लिए कितनी गहरी श्रद्धा थी।

एक किस्सा साझा करते हुए उन्होंने बताया कि जब उन्होंने बंगाली वर्जन का एक गाना रिकॉर्ड किया, तो लता जी ने बाद में उनसे कहा – “अमर जी, आपने बांग्ला वर्जन में शानदार काम किया।” अमर हल्दीपुर के मुताबिक, “लता जी से तारीफ पाना किसी बड़े सम्मान से कम नहीं था, क्योंकि वह बेहद चुनिंदा मौकों पर ही तारीफ करती थीं।”

उन्होंने यह भी कहा कि लता जी हमेशा परफॉर्मेंस से पहले नर्वस हो जाती थीं। लेकिन यही उनकी खूबी भी थी – क्योंकि वे हर गाने को पूरे दिल और समर्पण के साथ गाती थीं। उनके लिए गाना केवल म्यूजिक नहीं था, बल्कि भक्ति और भावनाओं का संगम था।

आज भी अमर हल्दीपुर की बातें हमें यह याद दिलाती हैं कि लता मंगेशकर केवल एक गायिका नहीं थीं, बल्कि भारतीय संगीत की आत्मा थीं। उनकी आवाज़ और उनका अनुशासन हर कलाकार के लिए प्रेरणा है।