क्यों लता मंगेशकर का सदाबहार गीत 66 साल बाद भी रील्स पर छा गया है

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66-Year-Old Lata Mangeshkar Song Goes Viral on Instagram Reels, Fans Relate to ‘Pain of Relationships

संगीत की ताकत यही है कि वह वक्त, पीढ़ियों और परिस्थितियों की सीमाओं को तोड़ देता है। हिंदी सिनेमा की स्वर कोकिला, भारत रत्न लता मंगेशकर जी के गाने इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर उनका एक पुराना गीत रील्स के रूप में जबरदस्त ट्रेंड कर रहा है। 66 साल पहले गाया गया यह गीत आज के समय में युवाओं और बड़ों, दोनों के दिलों को उतनी ही गहराई से छू रहा है जितना अपने दौर में छुआ था।

इस गाने की लोकप्रियता का राज इसके बोलों में छिपा है। “रिश्तों की तड़प” जैसे भाव, जो इस गीत की आत्मा हैं, आज भी उतने ही प्रासंगिक लगते हैं। हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी रिश्तों से ही बनती है कभी हंसी खुशी, तो कभी तकरार और जुदाई। यही वजह है कि लोग इस गाने को सास-बहू, पति-पत्नी या प्रेमी-प्रेमिका जैसे रिश्तों से जोड़कर अपनी कहानियां रील्स में पिरो रहे हैं।

आज के डिजिटल दौर में शॉर्ट वीडियो कंटेंट बहुत तेजी से फैलता है। हर कोई अपनी भावनाओं को कुछ सेकंड्स की क्लिप में दुनिया के सामने पेश करना चाहता है। ऐसे में लता जी का यह गीत लोगों को एकदम सही मंच देता है जहां वे अपने रिश्तों के खट्टे-मीठे पलों को खूबसूरती से व्यक्त कर सकते हैं। कोई इस गीत को प्यार की दूरी के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है, तो कोई इसे रिश्तों की नज़दीकी और जज़्बात की ताकत को दिखाने के लिए।

ग़ौर करने वाली बात यह है कि लता जी के गाए गानों की सबसे बड़ी खासियत यही है कि वे सिर्फ संगीत तक सीमित नहीं होते, बल्कि सीधे दिल तक पहुँचते हैं। उनकी आवाज़ में ऐसी मिठास और गहराई है कि सुनने वाला खुद-ब-खुद भावनाओं की उस लहर में बह जाता है। यही कारण है कि चाहे 1950 का दशक हो या 2025 का, उनके गीत हमेशा नए और ताज़ा लगते हैं।

सोशल मीडिया पर इस गाने की वापसी एक और बड़ी सच्चाई को उजागर करती है अच्छा संगीत कभी पुराना नहीं होता। 66 साल पुराने इस गीत की धुन और बोल आज भी उतने ही असरदार हैं जितने उस समय थे। फर्क सिर्फ इतना है कि पहले लोग इसे रेडियो या रिकॉर्ड पर सुनते थे, और आज यह मोबाइल की स्क्रीन पर रील्स बनकर नई पीढ़ी का हिस्सा बन गया है।

रील्स पर इस गाने को लेकर आ रही प्रतिक्रियाएं भी बेहद दिलचस्प हैं। कोई इसे सुनकर अपने पुराने रिश्तों को याद कर रहा है, तो कोई इसे देखकर कह रहा है “ये गाना तो मेरी कहानी जैसा है।” यही तो संगीत की असली ताकत है वह हर किसी की ज़िंदगी में अपनी जगह बना लेता है।

लता मंगेशकर जी का यह गीत हमें यह भी सिखाता है कि रिश्तों की अहमियत कभी कम नहीं होती। समय बदल सकता है, तकनीक बदल सकती है, लेकिन इंसानी जज़्बात वही रहते हैं। और जब उन जज़्बातों को एक ऐसी आवाज़ मिल जाए जो खुद में इतिहास रच चुकी हो, तो उसका असर हमेशा के लिए अमर हो जाता है।

अंत में यही कहा जा सकता है कि लता जी के इस गाने का इंस्टाग्राम पर ट्रेंड करना सिर्फ एक सोशल मीडिया फैशन नहीं है, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि असली संगीत की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती। यह पीढ़ी दर पीढ़ी चलता रहता है और हर दौर में अपनी प्रासंगिकता साबित करता है।

तो अगली बार जब आप किसी रिश्ते की मिठास या तकरार को महसूस करें, तो इस गाने की धुन याद करिए। शायद आपकी कहानी भी एक खूबसूरत रील बनकर लाखों दिलों तक पहुंच जाए।